डिजिटल माध्यम फिल्मों से ज्यादा सशक्त : बाबा सहगल

वर्ष 1990 के दशक में रैप गीतों से धमाल मचाने वाले गायक-अभिनेता बाबा सहगल इसी शैली के साथ डिजिटल माध्यम में लौट रहे हैं। उनका मानना है कि किसी को स्टार बनाने के लिए फिल्मों की तुलना में डिजिटल माध्यम अधिक सशक्त है। सहगल ने मुंबई से फोन पर आईएएनएस को बताया, “फिल्में बिल्कुल अलग माध्यम हैं। पहले फिल्म और टेलीविजन का बोलबाला था और अब डिजिटल मीडिया का। यहां तक कि मुझे लगता है कि यह माध्यम फिल्मों से अधिक सशक्त है, क्योंकि फिल्में विपणन और बाकी सभी चीजों के लिए डिजिटल माध्यम पर निर्भर करती हैं। इसलिए मुझे लगता है कि डिजिटल मीडिया अधिक सशक्त है। अगर विषय अच्छा है तो इसके जरिए कोई भी स्टार बन सकता है।”

उन्होंने कहा, “यहां हर उस युवा कलाकार के लिए बेहतर मौका है जो कुछ बनना चाहता है। मुझे लगता है कि अगर आप नेट का अच्छी प्रकार उपयोग करते हैं तो आप अपनी जिंदगी में शानदार सफलता हासिल कर सकते हैं।”

रैपर ने फास्ट फूड चेन ‘केएफसी’ के साथ जुड़कर और अपनी लोकप्रिय शैली में ‘चिली चिजा’ रैप गीत बनाया है। वीडियो यहां मंगलवार को जारी किया गया।

बॉलीवुड फिल्मों में रैप गीतों के वर्तमान चलन के बारे में उन्होंने कहा कि ये रैप गीत नहीं हैं।

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