64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में छाया केरल

शुक्रवार को घोषित 64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मलयालम फिल्मोद्योग छाया रहा। मलयालम फिल्मोद्योग को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ पटकथा के लिए कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। मलयालम फिल्म ‘मिन्नामिनुंगु-द फायर फ्लाई’ में बेहतरीन अदाकारी के लिए सुरभि सी.एम. को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया। जबकि हाल ही में केरल राज्य फिल्म पुरस्कारों में इस भूमिका के लिए उन्हें सिर्फ विशेष उल्लेख मिला था।

जब पुरस्कारों की घोषणा हुई, उस समय सुरभि (26) केरल में नहीं थीं।

सुरभि ने कहा, “जैसे ही यह खबर आई, मैं चाहती थी काश मैं केरल में होती। मैं ओमान में एक समारोह के लिए हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह पुरस्कार मुझे मिलेगा। मुझे यह मौका देने के लिए मैं फिल्म के पीछे, जिन्होंने मुझे यह पुरस्कार जीताने में मदद की है उनका आभार व्यक्त करना चाहूंगी।”

मलयालम फिल्म उद्योग को मिले अन्य पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार भी शामिल है, जिसे तीन बाल कलाकारों द्वारा साझा किया गया है।

फिल्म ‘महेशइंते प्रतिकारम’ के लिए श्याम पुष्करन को सर्वश्रेष्ठ पटकथा का पुरस्कार दिया गया है। इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म पुरस्कार का खिताब भी जीता है।

बेस्ट साउंड डिजाइन श्रेणी में, जयदेवन चकदथ को फिल्म ‘कादु पुककुना नेरम’ के लिए विजेता के रूप में चुना गया था।

सुपरस्टार मोहनलाल की तीन फिल्मों में स्पेशल ज्यूरी का जिक्र किया गया है। उनकी तेलुगू फिल्म ‘जनता गैराज’ और दो मलयालम फिल्में हैं।

पीटर हेन ने फिल्म ‘पुलिमुरुगन’ में मारधाड़ वाले दृश्यों के लिए पहली बार सर्वश्रेष्ठ एक्शन डायरेक्टर अवार्ड जीता।

पुरस्कार पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहनलाल ने कहा कि वह बहुत उत्साहित हैं कि उनकी एक ऐसी फिल्म को विशेष ज्यूरी उल्लेख मिला, जो मलयालम नहीं है।

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